Career in Geriatrics Care क्या है – जेरियाट्रिक्स (गेरियाट्रिक्स) केयर कॅरियर 2022

Geriatrics Care Career in India : अगर हम मेडिकल क्षेत्र के प्रोफेशनल कोर्सेज की बात करें तो भारतीय युवाओं के लिये Geriatrics Care में स्किल पैदा करके एक आकर्षक कॅरियर बनाया जा सकता है। यह कोर्स पूरी तरह बुजुर्गों की सेवा से जुड़ा हुआ है।

देश के नौजवान जो इस समय बेरोजगारी के गंभीर संकट से जूझ रहे हैं। वह Geriatrics के क्षेत्र में आसानी से रोजगार पा सकते हैं। Geriatrics Care के क्षेत्र में काम करने वाले प्रोफेशनल बंदों को एल्‍डरकेयर के नाम से भी पुकारा जाता है।

जेरियाट्रिक्‍स (गेरियाट्रिक्‍स) प्रोफेशनल्‍स का काम मुख्‍य रूप से वृद्धावस्‍था के दौर से गुजर रहे बुर्जुर्गों की सेवा अथवा शारीरिक रूप से अक्षम व्‍यक्तियों की सेवा करना होता है। बुर्जुर्गों की सेवा / शारीरिक रूप से अक्षम कमजोर व्‍यस्‍यकों की सेवा को जरा चिकित्‍सा कहा जाता है।

आज की इस पोस्‍ट में हम आपको Geriatrics Care in Hindi | Jobs in Geriatrics | Geriatrics Care Courses in India | गेरियाट्रिक्‍स का मतलब हिंदी में आदि के विषय में विस्‍तार से जानकारी देने जा रहे हैं। कृप्‍या पोस्‍ट को अंत तक पढ़ें और समझें।

Contents

Geriatrics Care Meaning in Hindi ( जेरियाट्रिक्‍स – गेरियाट्रिक्‍स मतलब हिंदी में )

Geriatrics Care Career Kaise Banaye
जेरिऐट्रिक केयर की पूरी जानकारी हिंदी में

Geriatrics Meaning in Hindi – जेरियाट्रिक्‍स (गेरियाट्रिक्‍स मतलब हिंदी में) इस प्रकार है। हिंदी में इसे जेरियाट्रिक्‍स यानि जराचिकित्‍सा कहा जाता है। मतलब अधिक आयु में होने वाले रोगों को जराचिकित्‍सा के क्षेत्र में रखा जाता है। Geriatrics से संबंधित पूरा अध्‍ययन जर्नल ऑफ अमेरिका जरा चिकित्‍सा प्रकाशित हो चुका है। पूरी दुनिया में बुजुर्गों की सेवा में जिस तकनीक व प्रणाली के तहत इलाज अथवा सेवा की जाती है, उसका पूरा ब्‍यौरा इस जर्नल में मौजूद है।

Geriatrics Care क्‍या है? जेरियाट्रिक्‍स कॅरियर 2022 की जानकारी हिंदी में

Geriatrics Care in Hindi : जिस प्रकार की सेवा / सुरक्षा व देखभाल की जरूरत छोटे बच्‍चों को होती है। ठीक उसी प्रकार अधिक आयु के बुजुर्गों को भी सेवा / सुरक्षा व देखभाल की आवश्‍यक्‍ता होती है। क्‍योंकि छोटे बच्‍चों व बुजुर्गों में कोई अंतर नहीं होता है।

जब लोग जवानी के बाद वृद्धावस्‍था के दौर में कदम रखते हैं, तो उन्‍हें खुद की देखभाल करने के लिये व्‍यस्‍कों की जरूरत पड़ने लगती है क्‍योंकि बुढ़ापे की खास स्‍टेज पर पहुंचने के बाद उनका शरीर व दिमाग इस लायक नहीं रहता है कि वह खुद की देखभाल कर सकें।

आज के आधुनिक व शहरी करण वाले युग में संयुक्‍त परिवारों के उलट एकल परिवारों का चलन है। जिसकी वजह से परिवार के बुजुर्गों की देखभाल करने के लिये व्‍यस्‍कों की कमी हो गयी है। संयुक्‍त परिवारों में यह स्थिति नहीं थी। संयुक्‍त परिवारों में व्‍यस्‍कों की संख्‍या अधिक होने की वजह से बुजुर्गों के पास कोई न कोई व्‍यक्ति बना रहता था। लेकिन एकल परिवारों के वृद्धजन घर में अलग थलग पड़ जाते हैं।

गांव व छोटे शहरों के उलट भारत के मेट्रापोलिटन शहरों में स्थिति और भी भयावह है, जहां वयस्‍क स्‍त्री व पुरूष दोनों काम पर चले जाते हैं और घर में बुजुर्ग अकेले रह जाते हैं। ऐसे में घर में मौजूद वृद्ध जनों को जरूरत पड़ने पर उनकी मदत करने वाला अथवा इलाज देने वाला कोई नहीं होता है।

जेरियाट्रिक्‍स में इन्‍हीं सब बातों का ध्‍यान रख कर प्रोफेशनल कोर्सेज का निर्मांण किया जाता है ताकि बुजुर्गों की सेवा करने वाले प्रोफेशनल्‍स तैयार किये जा सकें।

Geriatrics Care Syllabus में क्‍या सिखाया जाता है

जरियाट्रिक्‍स केयर सिलेबस – जेरियाट्रिक पाठयक्रम में Students को समुदाय के अंदर बुजुर्गों की स्थिति, संयुक्‍त परिवारों तथा एकल परिवारों के गुण – दोष, बुजुर्गों के पुनर्वास तथा उनकी समस्‍याओं का निपटारा करने का तरीका, बुजुर्गों से संबंधित पोषाहार संबंधी ज्ञान, सामाजिक सुरक्षा संबंधी उपाय व उनका क्रियान्‍वयन, बुढ़ापे में वृद्धजनों की मानसिक स्थिति, भावनात्‍मक स्थिति समझने का प्रयास, बुजुर्गों का आहार प्रबंधन, बुजुर्गों के मनो‍वैज्ञानिक विश्‍लेषण, Old Age में देखभाल के आधारभूत नियमों / सिद्धांतों की जानकारी प्रदान की जाती है। इसके अलावा इस पाठयक्रम से जुड़े विद्धार्थियों को घर घर जाकर बुजुर्गों की समस्‍याओं पर रिपोर्ट भी तैयार करनी पड़ती है।

जेरियाट्रिक्‍स पाठयक्रम का संचालन किसके द्धारा किया जाता है

Geriatrics Care पाठयक्रम का संचालन भारत सरकार के समाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के द्धारा किया जाता है। इस पाठयक्रम का मकसद देश में नौजवान युवक / युवतियों को बुजुर्गों की सेवा के लिये ट्रेंड प्रोफेशनल्‍स के रूप में तैयार करना है।

Geriatrics Care Courses कितने प्रकार के होते हैं

वृद्धजनों की देखभाल एवं चिकित्‍सा से जुड़े कोर्स मुख्‍य रूप से 3 प्रकार के होते हैं –

  • 3 माह के पाठयक्रम वाले कोर्स – प्रमाणपत्र व डिप्‍लोमा
  • 6 माह के पाठयक्रम वाले कोर्स – प्रमाण पत्र व डिप्‍लोमा
  • पीजी डिप्‍लोमा कोर्स

3 माह के पाठयक्रम वाला कोर्स किन लोगों के लिये है

3 माह का कोर्स खासतौर पर समाजसेवी संस्‍थाओं के लिये है। जो नौजवान बुजुर्गों की देखभाल व सुरक्षा से जुड़े एनजीओ में काम करते हैं। उन्‍हें यह कोर्स करना होता है।

जेरियाट्रिक्‍स पीजी कोर्स के लिये जरूरी पात्रता

Eligibility Criteria for PG Diploma Course in Geriatric : बुजुर्गों की सेवा से जुड़े पीजी डिप्‍लोमा कोर्स में प्रवेश लेने के लिये निम्‍न पात्रता होनी जरूरी है।

  • समाज विज्ञान विषय में स्‍नातक उपाधि
  • समाज कार्य विषय में स्‍नातक उपाधि
  • मानव विज्ञान विषय में स्‍नातक उपाधि
  • परिचर्च अथवा गृहविज्ञान में स्‍नातक उपाधि
  • आवेदक अभ्‍यर्थी की आयु किसी भी सूरत में 20 साल से कम न हो
  • वृद्धावस्‍था में देखभाल करने वाले संगठनों में कार्यरत अथवा बुजुर्गों की सेवा क्षेत्र में प्रमाण पत्र प्राप्‍त व्‍यक्ति इस कोर्स के लिये पात्र माने जाते हैं।
  • सामाजिक काउंसलर इस कोर्स के लिये पात्र व्‍यक्ति हैं।
  • मेडिकल क्षेत्र से जुड़े स्‍वास्‍थ्‍य कर्मी व नर्सिंग के क्षेत्र में कार्यरत व्‍यक्ति भी इस कोर्स के लिये पात्र हैं।

जेरियाट्रिक्‍स कोर्स में Admission लेने के लिये मुख्‍य नियम व शर्तें

  • यदि आप 3 से 6 माह के कोर्स में एड‍मीशन लेना चाहते हैं तो आपका मैट्रिक पास होना बेहद जरूरी है।
  • वहीं पीजी डिप्‍लोमा कोर्स में प्रवेश के लिये ग्रेजुएट होना जरूरी है।
  • 3 से 6 माह के पाठयक्रम में प्रवेश लेने के इच्‍छुक लोगों की आयु 18 साल से कम नहीं होनी चाहिये।
  • आवेदकों को प्रवेश परीक्षा से गुजरना होगा। प्रवेश परीक्षा में उत्‍तीर्णं उम्‍मीदवारों को ही प्रवेश दिया जाता है।
  • कुछ संस्‍थान प्रवेश परीक्षा के बाद इंटरव्‍यू भी आयोजित कराते हैं, जिसे पास करना जरूरी होता है।

Jobs in Geriatric in India

  • जेरियाट्रिक्‍स प्रमाण पत्र कोर्स अथवा डिप्‍लोमा करने के बाद आप प्रोफेशनल के रूप में अपनी सेवायें दे सकते हैं।
  • आपको गैर सरकारी अथवा कॉरपोरेट संस्‍थान में अच्‍छा पद हासिल हो सकता है।
  • आपको शैक्षणिक संस्‍थाओं अथवा NGO’S में नौकरी हासिल हो सकती है।
  • आप गृह देखभाल कर्ता बन सकते हैं।
  • आपको अस्‍पतालों में उपचार सहायक अथवा शारीरिक चिकित्‍सा सहायक के रूप में काम करने का अवसर प्राप्‍त हो सकता है।
  • आप परियोजना निदेशक, कार्यक्रम अधिकारी व कल्‍याण अधिकारी बन कर अपना कॅरियर उज्‍जवल बना सकते हैं।
  • आप यदि Full Time Job नहीं करना चाहते तो आप Part Time Job के रूप में बुजुर्गों को फ्रीलांस सेवायें देकर भी कॅरियर बना सकते हैं।

Geriatrics Care में डिग्री डिप्‍लोमा देने वाले कुछ संस्‍थान

डॉ. रेडडी हैरिटेज फाउंडेशन, हैदराबाद

राष्‍ट्रीय समाज रक्षा संस्‍थान, आरके पुरम, नईदिल्‍ली

कलकत्‍ता मैट्रोपोलिटन इंस्‍टीटयूट ऑफ जिरहोलॉजी, कोलकाता

न्‍यू इंटीग्रेटेड रूरल मैनेजमेंट एजेंसी, इम्‍फाल

धनवंतरी इंस्‍टीटयूट ऑफ प्रोफेशनल एजूकेशन

इंदिरा गांधी ओपन यूनिवर्सिटी, नईदिल्‍ली

डीएस इंस्‍टीटयूट ऑफ पैरामेडिकल सांइसेज

जेरियाट्रिक्‍स (गेरियाट्रिक्‍स) फील्‍ड में कितनी सैलरी मिलती है

Geriatric Care Salary की बात करें तो इस फील्‍ड में सामान्‍य रूप से 15 – 25 हजार रूपये प्रतिमाह की सैलरी आसानी से प्राप्‍त होती है। लेकिन यदि आप किसी बड़े संस्‍थान को अपनी Geriatric सेवायें दे रहे हैं तो आपको 40 – 50 हजार रूपये प्रतिमाह की सैलरी भी प्राप्‍त हो सकती है। इस क्षेत्र में सैलरी इस बात पर भी निर्भर करती है कि आप अपनी सेवायें किस व्‍यक्ति अथवा संस्‍थान को दे रहे हैं।

FAQ – जेरियाट्रिक्‍स केयर 2022 से जुडे अक्‍सर पूछे जाने वाले सवाल

जेरिऐट्रिक में कॅरियर कैसे बनायें?

आप मैट्रिक पास करने के बाद 3 से 6 माह की अवधि का कोर्स करने अथवा पीजी डिप्‍लोमा कोर्स करने के बाद सरकारी, गैरसरकारी अथवा प्रोफेशनल के रूप मे फ्रीलांस सेवायें देकर Career in Geriatric Care बना सकते हैं।

क्‍या इस क्षेत्र में जॉब्‍स के मौके बढ़ रहे हैं?

जी हां, भारत के बड़े शहरों से लेकर छोटे शहरों तक एकल परिवारों की संख्‍या तथा परिवार में सभी व्‍यस्‍कों का बाहर जाकर काम करने के कारण घर में मौजूद बुजुर्गों की सेवा करने के लिये जेरियाट्रि‍क्‍स प्रोफेशनल्‍स की डिमांड बढ़ती जा रही है।

Geriatrics Care पीजी डिप्‍लोमा में क्‍या क्‍या सिखाया जाता है?

Geriatrics Care के पीजी डिप्‍लोमा पाठयक्रम में बुजुर्गों की सेवा से जुड़ सभी क्षेत्रों से संबंधित विषयों का गहन अध्‍ययन कराया जाता है। इसमें थ्‍यौरी एवं प्रेक्टिकल की शाखायें भी शामिल हैं। इसके अलावा इंटर्नशिप, परियोजना कार्य तथा सेमीनार प्रस्‍तुति भी सिखाई जाती है।

क्‍या जे‍रियाट्रिक कोर्स करने के बाद इसे स्‍वरोजगार के रूप में अपनाया जा सकता है?

जी हां, आप कुशल प्रोफेशनल बन कर फ्रीलांस सेवायें देकर आकर्षक कॅरियर बना सकते हैं।

क्‍या जेरियाट्रिक्‍स में मास्‍टर डिग्री प्रदान की जाती है?

जी हां, सोशल वर्क, नर्सिंग अथवा पब्लिक हेल्‍थ में स्‍नातक डिग्री कर लेने के बाद आप इसमें मास्‍टर डिग्री भी विभिन्‍न संस्‍थानों से हासिल कर सकते हैं।

क्‍या जराचिकित्‍सा में जेरियाट्रिक केयर मेडिसिन डिप्‍लोमा संस्‍थानों के द्धारा दिया जाता है?

जी हां, कुछ संस्‍थान जेरीऐट्रिक मेडिसिन केयर में भी डिप्‍लोमा कोर्स प्रदान करते हैं।

क्‍या ललित नारायण मिथिला विश्‍वविद्धालय दरभंगा के द्धारा भी जेरिऐट्रिक डिप्‍लोमा कोर्स की सुविधा प्रदान करता है?

जी हां, दरभंगा का ललित नारायण मिथिला विश्‍वविद्धालय के इं‍स्‍टीटयूट ऑफ जेरोंटोलॉजी एवं जेरियाट्रिक्‍स में 1 साल के PG Diploma Course in Geriatrics Care की शुरूआत की गयी है। इस कोर्स को वर्ष 2019 में शुरू किया गया था।

तो दोस्‍तों यह थी हमारी आज की पोस्‍ट Career in Geriatrics Care Kya Hai – जेरियाट्रिक्स (गेरियाट्रिक्स) केयर कॅरियर 2022 यदि आप Geriatric Career के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्‍त करना चाहते हैं तो आप हमसें कमेंट बॉक्‍स के जरिये पूछ सकते हैं।

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1 thought on “Career in Geriatrics Care क्या है – जेरियाट्रिक्स (गेरियाट्रिक्स) केयर कॅरियर 2022”

  1. बुज़ुर्गों की सेवा के साथ मेडिसिन केयर केरियर
    में युवा अपना भी केरियर तलाश कर सकते हैं।
    युवाओं के लिए जबरदस्त जानकारी है।
    जानकारी उपलब्ध कराने के लिये धन्यवाद !

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